संगीत ईश्वर का उपहार है

चाहे दुनिया में कितनी अलग-अलग भाषाएँ हो जाएँ, लेकिन संगीत से अच्छी कोई भाषा नहीं हो सकती, जिसे सब समझते हैं।

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पूज्य गुरु जी: पं० ठाकुर चौबे

पण्डित ठाकुर चौबे जी

पण्डित ठाकुर चौबे जी का जन्म देवरिया जिले के नारंगा ग्राम में दिनांक 01-01-1901 को श्री झेंगट चौबे जी के घर हुआ था।

जीवन पर्यंत केवल संगीत की साधना में लीन रहने वाले पण्डित जी के अनेक शिष्य अपने देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी भारतीय शास्त्रीय संगीत की सेवा एवं प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

प्रबंधक: संगीताचार्य नित्यानन्द (शिष्य)

संपर्क सूत्र: 9450674870, 7905133273

हमारी विद्यालयीय शाखाएं

संगीत शाखा

पं० ठाकुर चौबे संगीताश्रम

संबद्धता: प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद

इसमें संगीत गायन, वादन व नृत्य की प्रथम वर्ष से प्रभाकर तक की शिक्षा दी जाती है। सत्र सितम्बर माह से प्रारंभ होता है।


📍 वृद्ध आश्रम से पूरब, पुरवा, गोरखपुर रोड, देवरिया
📍 राघव नगर, देवरिया
ललित कला शाखा

सुमित्रा देवी ललित कला अकादमी

संबद्धता: प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़

प्रथम वर्ष से भाष्कर (M.A.) तक संगीत गायन, वादन, नृत्य एवं चित्रकला की शिक्षा। दो सत्र: मार्च-फ़रवरी और सितम्बर-अगस्त।


📍 वृद्ध आश्रम से पूरब, पुरवा, गोरखपुर रोड, देवरिया
📍 राघव नगर, देवरिया
अन्य शाखा

प्रत्युष विहार, रामचक

अन्य शाखा

यह शाखा रामचक क्षेत्र में स्थित है और शिक्षा का प्रसार करती है।


📍 रामचक, रुद्रपुर, देवरिया, उ०प्र० - 274204
"संगीत ईश्वर का उपहार और पैगंबरों की कला है।"